ਹਿੰਮਤ ਹੈ ਤਾਂ ਦੇਖੋ ਕਿੰਨਰਾਂ ਦਾ ਅੰਤਿਮ ਸੰਸਕਾਰ ਕਿਵੇਂ ਹੁੰਦਾ ਹੈ, ਦੇਖ ਕੇ ਰੂਹ ਕੰਬ ਜਾਵੇਗੀ…..

ਹਿੰਮਤ ਹੈ ਤਾਂ ਦੇਖੋ ਕਿੰਨਰਾਂ ਦਾ ਅੰਤਿਮ ਸੰਸਕਾਰ ਕਿਵੇਂ ਹੁੰਦਾ ਹੈ, ਦੇਖ ਕੇ ਰੂਹ ਕੰਬ ਜਾਵੇਗੀ…..

हम हमेशा ही समाज के विभिन्न लोगो की बात करते है मगर हम कभी किन्नरों के बारे में कुछ जानना नहीं चाहते बल्कि किन्नर भी हमारे बीच का ही एक हिस्सा है , आपको बता दे की किन्नर भी हमारे बीच का ही है शायद आपने कभी ध्यान दिया होगा की किन्नर हिन्दू धर्म में ख़ुशी के ही मौके पर जाता है वो कभी किसी के गम में शामिल नहीं होता जी हां किन्नर कभी भी कही भी गम में नहीं जाते है वो केवल ख़ुशी के मौके पर ही घरो में जाते है जैसे की बच्चे के पैदा होने पर , किसी की शादी होने पर आदि आपको बता दे की किन्नर समाज का बहुत महत्वपूर्ण और आवश्यक अंग है जिस प्रकार से जीवन चक्र चलता रहता है जिस से धरती का संयतुलन बना रहता है ठीक वैसे ही किन्नर भी समज्ज के उन्ही चक्र में से एक है जो धरती के संतुलन को बनाये रखने में सहायक है|

कहि भी ऐसा बच्चा होता है तो ले जाते है

आपको बता दे की कही भी अगर ऐसा कोई बच्चा होता है जो ना तो पुरुष की श्रेड़ी में हो या ना ही स्त्री की श्रेणी में तो ऐसे में किन्नर बच्चो को ले जाते है , वही उनका पालन पोषण करते है उन्हें पालते है क्युकी मुख्या समाज उन्हें अपने साथ रहने की इजाजत नहीं देता|

कोर्ट ने दी है वैध्यता

आपको बता दे की न्यायलय ने भी इन्हे समाज में समान अधिकार देने के लिए निर्देशित किया है इनको जैसे आम इंसान के साथ व्यवहार होता है वैसा ही व्यवहार करना होगा इतना ही नहीं उन्हें समाज में साथ में रखने का भी आदेश है ऐसे में समाज ने भी उन्हें अपने बीच जघा देना शुरू कर दिया है|

रात में निकलती है शव यात्रा

शायद आपकी जानकारी में नहीं हो लेकिन किन्नरों की शव यात्रा और समाज की शव यात्रा से अलग रात में निकाली जाती है इनकी शव यात्रा को कोई नहीं देखता साथ ही देखने वालो को पाप का भागिदार होना पड़ता है इनकी शव यात्रा में कोई किन्नर नहीं रोता|

प्रथा के अनुसार होता है सब

कहा जाता है की अगर मरे हुए किन्नर को कोई इंसान देख लेता है तो अगला जन्म फिर से किन्नर की तरह ही होगा इसलिए ये शव यात्रा रात में निकाली जाती है और यात्रा में कोई रोता नहीं है|

लाठी और डंडो से मारा जाता है

हमनै पहले ही इस बात का जिक्र कर दिया की अगर आप में ये वीडियो देख पाने की हिम्मत हो तब ही इस वीडियो को देखे , आपको बता दे की किन्नर को लकड़ियों पर रखने से पहले उसको पूरे शरीर में जूते , चप्पल , और लाठी डंडे से मारा जाता है जीस से इस जन्म के पाप यही उतर जाए और अगले जन्म में वो किन्नर ना बन कर आये जिसके बाद उसको रात महि जला दिया जाता है|

खुशिया मनाते है किन्नर

साथी की मौत के बाद किन्नर खुशिया मनाते है और उसके बाद अपने आराध्य देवता से मानते है की अगले जन्म में कोई किन्नर ना हो|

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